जीवन वास्तविक है, जीवन गंभीर है ,जीवन का उद्देश्य मृत्यु नहीं है आत्मा के विषय में यह नहीं कहा गया कि तुम मिट्टी हो और मिट्टी में ही मिल जाओगे हमारा पहले से ही निश्चित उद्देश्य अथवा मार्ग आनंद प्राप्त करना या दुख झेलना नहीं है हमारा उद्देश्य इस प्रकार कार्य करना है कि जिससे कि हम आज की अपेक्षा कल और आगे उन्नति के पथ पर अग्रसर हो विश्व के विशाल युद्ध स्थल में सिपाहियों के खुले शिविर जैसे जीवन में मुंह और नियंत्रित पशुओं की भांति मत रहो बल्कि संघर्ष में वीर नायक की भांति यूज़ करो एवं हमें उठकर काम में लग जाना चाहिए और भविष्य में होने वाली किसी भी बात के लिए साहस जुटा लेना चाहिए और भी अधिक उपलब्धि करते हुए तथा और अधिक प्राप्ति के लिए हमें लगातार काम करते हुए परिश्रम करना चाहिए और परिश्रम की प्रतीक्षा अध्यन करनी चाहिए
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